मैं डॉ. परम,
पूर्व एम. एल. ए. संगरिया-टिब्बी
विनम्र निवेदन करती हूं कि आपके आशीर्वाद से
2008 से 2013 के बीच में छोटे छोटे कदमों से आपके सहयोग से बड़े-बड़े काम हुए ।
2013 से 23 के बीच में विकास कार्यों की सुध नहीं ली गई। किसान, मजदूर,
श्रमजीवी, व्यापारी, कर्मचारी सभी आहत रहे परेशान रहे। गरीब,
मेहनतकशों की दुश्वारी देखी नहीं जा रही। आंखों में विकास
का सपना संजोए आपकी उन्नति के लिए मैं
कदम कदम, तिल तिल आपके हितार्थ,
संघर्ष हेतु मैदान में हूं।
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अपनी पार्टी को मां मानते हुए
उसके निर्णय को 2013 व 2018 में शिरोधार्य करते हुए
आपकी दुर्दशा को दूर से निहारने के लिए मजबूर रही।आपके एक नुमाइंदे ने सो कर, दूसरे ने रो कर
और जो जीत ना पाया उसने पूरे इलाके को अन्याय की गंगा में धोकर आपके सपनों को
धूल धूसरित किया। विधवा-बुढ़ापा-विकलांग पेंशन व गरीबों के लिए तैयार की गई
मेरी 2011 की लिस्ट में नाम गायब करने का काम किया जुड़वाने का काम
। किसी ने नहीं किया। अबकी बार फिर मैं विकास के संकल्प के साथ आपके
आशीर्वाद की कामना करती हूं। मैं आपको यकीन दिलाती हूं कि मैं
आपके विश्वास, मतदान की गरिमा, मान सम्मान को जीवन भर
सर माथे पर रखूंगी।
आपकी अपनी
डॉ. परम
🙏🙏